थक गया हूं यार ये सब सह सह के, मुझे जीवन महसूस नहीं हो रहा, किसी भी गाने का असर नहीं हो रहा, इसलिए गाना सुनना भी बंद कर दिया है। बस बैठा हूं एकेला कोई गांव के बस स्टेंड पे यूंही किसी बस की राह देख के, अगर बस मुझे कही पे भी लेContinue reading “थकान दुनिया की”