भारत के बेरोजगार

भारतीय बेरोजगार का जीवन 

पापा के पैसे पे जलसा
२०० पैसे जेब में
खानेपीने का सोख नहीं
वही पुराने फटे कपड़े 
किसी भी जगह बैठ जाना
१० वाली चाय के होटल पे २० रुपए कोई ले तो चौक जाना
सरकारी बस में ट्रावेल करना
घर जाने की कोई जल्दी नहीं बस कही पे भी ठहर जाना 
समय का कोई ज्ञान न रहना 
हर वक्त बस ख्याली पुलाव बनाना
खयालों में डूबे रहना
दुनिया से कोई मतलब न होना

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